यदि दो वसीयतें हैं तो कौन सी वैध होगी


सवाल

हमारे पास दो वसीयत मौजूद हैं जिनके आधार पर संपत्ति का फैसला होना है। हम यह जानना चाहते हैं कि कानून की नजर में इन दोनों में से कौन सी वसीयत सही मानी जाएगी और संपत्ति पर किसका हक होगा? कृपया इस स्थिति में कानूनी प्रक्रिया और नियमों के बारे में जानकारी दें।

उत्तर (5)


156 votes

भारतीय कानून के अनुसार, अगर एक ही व्यक्ति ने एक ही संपत्ति के लिए दो वसीयत बनाई हैं, तो हमेशा आखिरी वसीयत (Last Will) ही मान्य होती है। इसका सीधा मतलब यह है कि वसीयतकर्ता ने अपनी मृत्यु से ठीक पहले जो सबसे नई वसीयत बनाई थी, वही प्रभावी मानी जाएगी और पुरानी वसीयत अपने आप रद्द समझी जाएगी।

हालांकि, आखिरी वसीयत को वैध मानने के लिए उसका सही तरह से बना होना जरूरी है। वसीयत पर वसीयतकर्ता के साफ हस्ताक्षर होने चाहिए और कम से कम दो गवाहों (Witnesses) के भी साइन होने चाहिए। यदि दूसरी वसीयत रजिस्टर्ड है और पहली वाली नहीं, तो रजिस्टर्ड वसीयत को अदालत में साबित करना ज्यादा आसान होता है, लेकिन कानूनन बिना रजिस्टर्ड वसीयत भी आखिरी होने पर मान्य हो सकती है।

वसीयत के आधार पर संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए आपको अदालत से प्रोबेट (Probate) लेना पड़ सकता है। प्रोबेट अदालत द्वारा दिया गया एक प्रमाण पत्र होता है जो वसीयत की शुद्धता की पुष्टि करता है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में अचल संपत्ति के लिए प्रोबेट लेना अनिवार्य होता है। अन्य जगहों पर भी यदि वसीयत को लेकर विवाद हो, तो प्रोबेट लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

यदि आपको लगता है कि आखिरी वसीयत धोखाधड़ी से या दबाव में बनाई गई है, तो आप उसे अदालत में चुनौती (Challenge) दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको अदालत में यह साबित करना होगा कि वसीयतकर्ता उस समय मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं था या उस पर किसी तरह का अनुचित प्रभाव (Undue Influence) डाला गया था।

303 votes

अन्तिम वसीयत मान्य होगी। आपको अदालत से प्रोबेट प्राप्त करने की आवश्यकता होगी, यदि आप मुंबई से हैं तो आपको उच्च न्यायालय जाना होगा और यदि आप ईसाई हैं तो आपको प्रोबेट प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है

316 votes

क्या कोई वसीयत पंजीकृत है? यदि नहीं तो संभवत: बाद में निष्पादित वसीयत की अधिक वैधता होगी। लेकिन फिर भी अगर प्रोबेट के समय वसीयत पर कोर्ट में विवाद होता है तो हमने उसके अनुसार साबित कर दिया है।

251 votes

आपको मेरा यह जवाब है: 1. वर्तमान वसीयत का मूल्य पिछली वसीयत से अधिक होगा; 2. लेकिन अगर पिछली वसीयत पंजीकृत है तो बाद की किसी भी वसीयत की तुलना में इसका अधिक स्पष्ट मूल्य है; 3. इसलिए एक वकील को दोनों वसीयत दिखाएं और उससे उसकी पुष्टि करें।

135 votes

कानून में यह एक स्थापित स्थिति है कि अंत में तैयार की गई वसीयत को ही अंतिम वसीयत माना जाता है। कृपया जांचें कि अंतिम वसीयत कौन सी है और यदि आवश्यक हो तो कृपया इसे उच्च न्यायालय के समक्ष परिवीक्षित करवाएं।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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