हमारे बाबाजी चाचा जी गोद पूरी चल अचल स


सवाल

हमारे बाबाजी को उनके चाचा जी ने गोद लिया था तो उनकी पूरी चल एवं अचल संपत्ति मिल गई थी औऱ हमारे बाबाजी के वास्तविक पिता जी ने एक स्टाम्प पेपर में अपने तीनो पुत्रो को अपनी चल एवं अचल संपत्ति में बराबर का हिस्सा देने की बात अपने वसीयतनाम मे लिख गए थे और उसी तरह उनके म्रत्यु के बाद तीनो पुत्रो को वरासत में बराबर का हिस्सा मिल गया और कुछ दिन बाद हमारे बाबाजी की म्रृत्यु हो गयी उसके बाद हमारे पिता जी के नाम वरासत आ गयी उसमे हमारे पिता जी का पूरा कब्जा है और उसका कुछ हिस्सा बेच भी डाला है । तो क्या आज वसीयत करने वाले के पोतों द्वारा मुकदमा लगाया जा रहा है कि वसीयत गलत है तो इसमें क्या जो हमारे पिता जी द्वारा जमीन बेच डाली गई है तो क्या बैनामा खारिज होगा या हमारा ही हक जायगा क्या होगा बताने की कृपा करें

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नमस्कार,

अगर आपके पास के दादाजी की वसीयत है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है . एक बार पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा हो जाने के बाद स्वयं की बनाई हुई संपत्ति मैं गिना जाता है . अगर आपके पिताजी ने उस संपत्ति में से कुछ हिस्सा बेच दिया है तो कानूनी तौर पर उन्होंने अपने हिस्से की जमीन को बेचा है .

कोर्ट में याचिका दर्ज करने से आपके भाइयों को और हिस्सा नहीं मिलेगा पुश्तैनी संपत्ति में . अगर आपके दादा जी की वसीयत लिखी हुई है तो आपको निश्चिंत रहना चाहिए .

धन्यवाद


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