हमारे बाबाजी चाचा जी गोद पूरी चल अचल स
सवाल
उत्तर (2)
नमस्कार,
अगर आपके पास के दादाजी की वसीयत है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है . एक बार पुश्तैनी संपत्ति का बंटवारा हो जाने के बाद स्वयं की बनाई हुई संपत्ति मैं गिना जाता है . अगर आपके पिताजी ने उस संपत्ति में से कुछ हिस्सा बेच दिया है तो कानूनी तौर पर उन्होंने अपने हिस्से की जमीन को बेचा है .
कोर्ट में याचिका दर्ज करने से आपके भाइयों को और हिस्सा नहीं मिलेगा पुश्तैनी संपत्ति में . अगर आपके दादा जी की वसीयत लिखी हुई है तो आपको निश्चिंत रहना चाहिए .
धन्यवाद
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