क्या सौतेली माँ को पिता की संपत्ति बेचने से कानूनी रूप से रोका जा सकता है
सवाल
उत्तर (3)
हाँ, आप अपनी सौतेली माँ को वह संपत्ति बेचने से कानूनी रूप से रोक सकते हैं। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार, यदि आपके पिता ने कोई वसीयत (Will) नहीं छोड़ी थी, तो उनकी संपत्ति उनके सभी कानूनी वारिसों के बीच बराबर बांटी जाएगी। आपके पिता की संपत्ति में आप चारों भाई-बहन और आपकी सौतेली माँ, पाँचों का बराबर का हिस्सा है। सौतेली माँ अकेले पूरी संपत्ति को बेचने का कानूनी अधिकार (Legal Right) नहीं रखती हैं।
आपको सबसे पहले बिना देरी किए दीवानी अदालत (Civil Court) में जाना चाहिए और संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा (Injunction) यानी स्टे ऑर्डर के लिए अर्जी देनी चाहिए। कोर्ट को यह बताएं कि आपके पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति का अभी तक कानूनी बंटवारा नहीं हुआ है और बिना आपकी सहमति के इसे बेचा जा रहा है। कोर्ट ऐसी स्थिति में संपत्ति की बिक्री पर तुरंत रोक लगा सकता है।
इसके साथ ही, आपको अदालत से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) या प्रशासनिक पत्र (Letter of Administration) प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। इससे यह कानूनी रूप से दर्ज हो जाएगा कि आप और आपकी बहनें भी उस संपत्ति के मालिक हैं। एक बार जब सरकारी रिकॉर्ड में आप चारों का नाम सह-मालिक (Co-owners) के रूप में दर्ज हो जाएगा, तो आपकी सौतेली माँ चाहकर भी उस जमीन या घर की रजिस्ट्री किसी और के नाम नहीं कर पाएंगी।
चूंकि आपके पिता भारतीय सेना में थे, आप उनके विभाग में भी एक लिखित सूचना दे सकते हैं कि संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। यदि प्लॉट आपकी शिक्षा के लिए खरीदा गया था और आपके पास इसके कोई सबूत हैं, तो आपका पक्ष और भी मजबूत हो जाता है। घबराएं नहीं, कानून बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है और कोई भी एक वारिस दूसरों का हिस्सा नहीं बेच सकता।
आप अपने स्थानीय क्षेत्र में एक सिविल कोर्ट से संपर्क कर सकते हैं और अपनी सौतेली माँ के खिलाफ निषेधाज्ञा का आदेश प्राप्त कर सकते हैं। स्थानीय जिला अदालत से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र/प्रशासनिक पत्र भी प्राप्त करें। यदि आपके पिता ने वसीयत नहीं छोड़ी है तो आप चारों को उनकी संपत्ति का समान रूप से अधिकार होगा।
नमस्ते। आपने यह क्लियर नहीं किया है कि प्लॉट किसके नाम से खरीदा गया है। अगर सौतेली मां के नाम पर है तो प्रथम दृष्टया वह मालिक है। तब आपको इस बात का वाद दायर करना होगा कि वह असली मालिक नहीं है, बल्कि आपके पिता ने पैसे दिए हैं। इसलिए आप उक्त प्लॉट में सही हैं। उस वाद में आप अपनी मां के खिलाफ निवारक आदेश की मांग कर सकते हैं। लेकिन पिता की मृत्यु के बाद आप सभी संपत्ति के सह-मालिक बन गए। और एक मालिक अपनी इच्छा के अनुसार अविभाजित हिस्से को स्थानांतरित कर सकता है।
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