संपत्ति के मुक़दमे में यथास्थिति आदेश का मतलब क्या होता है


सवाल

मैं जानना चाहता हूं कि जब किसी प्रॉपर्टी (संपत्ति) से जुड़े मुक़दमे में कोर्ट 'यथास्थिति आदेश' (Status Quo Order) जारी करता है, तो इसका क्या मतलब होता है और उस आदेश के बाद क्या किया जा सकता है और क्या नहीं?

उत्तर (1)


240 votes

'यथास्थिति आदेश' (Status Quo Order) एक लैटिन शब्द है जिसका हिंदी में अर्थ है "वर्तमान स्थिति को बनाए रखना"। यह कोर्ट द्वारा दिया गया एक अस्थायी आदेश (Temporary Order) होता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब तक मुकदमा चल रहा है, तब तक कोई भी पक्ष संपत्ति की स्थिति में कोई बदलाव नहीं कर सकता।

यथास्थिति आदेश का मतलब: जब कोर्ट संपत्ति के मुक़दमे में यह आदेश पारित करता है, तो इसका सीधा मतलब यह होता है कि संपत्ति जिस हाल में आदेश पारित होने की तारीख को थी, उसे उसी हाल में रखना होगा। यह आदेश आमतौर पर 'दीवानी प्रक्रिया संहिता' (Civil Procedure Code - CPC) के नियम 39 के तहत निषेधाज्ञा (Injunction) के रूप में जारी किया जाता है।

आदेश के बाद क्या नहीं किया जा सकता: यथास्थिति आदेश के बाद आप संपत्ति के साथ निम्नलिखित कार्य नहीं कर सकते:

  • बेचना (Sale): संपत्ति को किसी तीसरे पक्ष को बेच नहीं सकते।

  • किराए पर देना (Leasing): संपत्ति को किराए पर नहीं दे सकते या नया पट्टा (Lease) जारी नहीं कर सकते।

  • निर्माण या तोड़फोड़ (Construction/Demolition): संपत्ति पर कोई नया निर्माण (Construction) शुरू नहीं कर सकते और न ही किसी मौजूदा ढांचे को तोड़ सकते हैं।

  • कब्जे में बदलाव (Change of Possession): संपत्ति का कब्जा किसी और को नहीं सौंप सकते।

यदि आप 'यथास्थिति आदेश' का उल्लंघन करते हैं, तो कोर्ट इसे 'अदालत की अवमानना' (Contempt of Court) मानकर आपके खिलाफ सख्त कार्यवाही शुरू कर सकता है, जिसमें जुर्माना या जेल भी हो सकती है। यह आदेश तब तक लागू रहता है जब तक कोर्ट अंतिम फैसला नहीं दे देता या आदेश को खुद रद्द नहीं कर देता।


अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।

अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


भारत के अनुभवी प्रॉपर्टी वकीलों से सलाह पाए


प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न