श्रीमतीश्री मान जी महोदय मेरे पिता कर


सवाल

श्रीमती/श्री मान जी महोदय यह कि मेरे पिता करण सिंह ने अपनी संपत्ति दुकानों का साधना नाम के 09/04/2014 मुख्त्यारआम किया गया था और मुख्त्यारनामा आम को दिनांक 28/05/2014 दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में आम सूचना द्वारा सुचित किया गया था कि मुख्त्यारनामा निरस्त करता है ।औ‌र कुछ समय बाद विरोधी साधना ने मेरे पिता की संपत्ति दुकानों को धोखाधडी पूर्वक दिनांक 01/07/2014 को भरतपाल के नाम के आदमी को इकरारनामा के द्वारा क्रेता वह बचाने कर दिया । कानूनी उपाय मदद दिये । धन्यवाद

उत्तर (2)


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आपके पिता की मुख्तार ए आम द्वारा बेची गई दुकान है गैर कानूनी है क्योंकि आपके पिता ने अखबार में प्रकाशन द्वारा उस मुख्तार ए आम के संबंध में उसे प्रकाशित करा कर उसकी शक्ति को समाप्त कर दिया था इसलिए प्रकाशन के बाद कोई भी अधिकार मुक्ता राम को नहीं रहा यदि उसने दुकानों का विक्रय कर दिया है तो आप अदालत द्वारा उस बहना में को निरस्त करा सकते हैं


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