मैंने नवंबर 2012 सौ गज बनते बिल्डर फ्लोर


सवाल

मैंने नवंबर 2012 में सौ गज की बनते समय एक बिल्डर फ्लोर का ब्याना 3350000 रूपए में नोटरी पब्लिक पचास रुपए के ई स्टाम्प पर था । बाद में पत्नी के नाम बिल्डर ने कच्चे पेपर यानी पचास रुपए के ई स्टाम्प पर पावर आफ अटारनी पर बारह लाख रुपए का बनवा कर दे दिया था । तीन साल बाद उस बिल्डिंग में झुकाव आना शुरू हो गया था और धीरे धीरे वह बिल्डिंग पांच छः इंच एक साइड झुक गई। जिसे दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक घोषित कर गिरा दिया । क्या अब सात साल बाद भी हम चारों फ्लोर के मालिक बिल्डर के खिलाफ कोर्ट में जा सकते हैं, लेकिन मेरे पास मेरे ब्याने में पूरे तैंतीस लाख रुपए की रिसीविंग के साथ हस्ताक्षर हैं क्या कोर्ट इसे साढ़े तैंतीस लाख रुपए मानेगा, या पत्नी के नाम हुए कच्चे पेपर बारह लाख रुपए के मानेगा। क्या बिल्डर पर हमारा कोई दावा बनता है या हमें एमसीडी बिल्डिंग विभाग से बिल्डिंग संबंधित रिपोर्ट के आधार पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं कृपया अपनी राय और हमारे हुए नुक़सान से बचाने की कृपा करें

उत्तर (2)


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मुझे आपकी बात समझ में नहीं आई इसलिए मैं आपको इस वक्त जवाब नहीं दे सकता . मुझसे फोन करना होगा ताकि मैं आपके सभी सवालों का प्रश्न दे सकूं आपकी सारी बातें समझ कर. इसलिए मुझसे फोन पर जुड़े जल्द से जल्द ताकि आपकी सभी परेशानियां दूर हो सके.


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