मेरे नाना जी पांच बेटियां पुत्र नाना ज


सवाल

मेरे नाना जी के पांच बेटियां थी कोई पुत्र नहीं था नाना जी का 2016 में स्वर्गवास हो गया वसीयतनामा में पुत्री को कुछ नहीं दिया गया मेरे नाना जी के 13 एकड़ जमीन थी जिसमें से 4 एकड़ उन्होंने स्वयं के जीवन काल में खरीदी थी और 9 एकड़ जमीन पैतृक संपत्ति में मिली थी जब वह 90 से अधिक वर्ष की आयु के हुए वह बिस्तर पर हो गए और उनकी दिमाग की हालत भी ठीक नहीं रहने लगी भाई और भाई के बेटों ने एक वसीयत नामे में अंगूठा लगवा लिया में पत्नी को सिर्फ 1 एकड़ जमीन दी गई उनके पांच बेटियां थी किसी भी बेटी को कुछ भी नहीं दिया गया और ना ही पत्नी के नाम पर एक एकड़ जमीन के अलावा कुछ किया गया और यह सब उनकी दिमाग की स्थिति जब ठीक नहीं थी तब उनसे यह साइन ले ली गई अब इस थी स्थिति में क्या किया जाए उचित सलाह दीजिए धन्यवाद

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जैसा कि आप बता रहे हैं आपके दादा जी ने जो वसीयत तैयार की थी उस समय पर उनकी दिमागी हालत सही नहीं थी और यह वसीयत धोखे से साइन कराई गई है . अगर आप यहां कोर्ट में साबित कर दें कि वसीयत बनाते समय उनके दिमागी हालत सही नहीं थी या उन्हें किसी तरह के धोखे में रखकर साइन करा गया है तो यह वसीयत खारिज हो सकती है .कानूनी तौर पर इस प्राप्ति का विभाजन सभी में बराबरी से किया जाएगा .


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