मेरे दादा जी मात्र पुत्र मेरे पिता जी


सवाल

मेरे दादा जी के मात्र एक पुत्र मेरे पिता जी और मेरे पिता ने पहले शादी की और ऊन से एक पुत्र हुवे और उनकी पहली पत्नी का देहांत हो गया फिर पिता जी ने दुसरी शादी की ऊन से फिर 2 पुत्र एवं एक पुत्री हुई पिता जी ने दादा जी से मिली संपति का बटवार आपस मे बैठ कर 5 हिस्सा लगया जिस हम तीन भाई एक बहन एक हिस्सा वह स्वंय अपने नाम से किया और अंचल से सभी का अलग अलग लगान कटवा दिया एवं नाम दर्ज करवा दिया उसके उपरांत कुछ दिनो पिता जी की मृत्यू हो गई अब मेरे बड़े भाई जो की पिता जी के पहली पत्नी के पुत्र हैं पिता जी नाम दर्ज संपति जो की बटवारे के वक्त पिता जी ने अपने नाम रखा था उस पर आधा हिस्सा का मांग कर रहे हैं और जबर्दस्ती कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे और यह कह रहे है की चुकी पिता जी की पहली पत्नी के पुत्र हैं वह आधा हिस्सा का हक रखते हैं जबकी माँ अभी जीवित हैं क्या करना चाहिये सलाह दें

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ऐसा कोई कानून नहीं है जो इस तरह के बंटवारे को मजबूर करता है आपके पिताजी के 5 लड़के थे तो 5 ही सही लगेंगे आज के जिन के उत्तराधिकारी हैं जितने हरि ओम नमः संपत्ति बटेगी अगर आपके वर्तमान में माताजी भी जिंदा है तो उनका भी एक हिस्सा बनेगा बनेगा अधिक जानकारी के लिए आप हमारे संपर्क सूत्रों के संपर्क साध सकते हैं


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