दादा के नाम वाली पैतृक संपत्ति को वारिसों के नाम पर कैसे ट्रांसफर करें


सवाल

हमारे पास दादाजी के नाम का एक घर है। उनकी मृत्यु 1982 में और दादी की 1994 में हुई, लेकिन किसी ने संपत्ति अपने नाम नहीं कराई। अब मेरे पिता भी नहीं रहे। मैं इस घर को अपनी माँ और चाचा के नाम पर रजिस्टर कराना चाहता हूँ। हमारे अलावा कोई और वारिस नहीं है। इसके लिए क्या करना होगा और क्या दादाजी का मृत्यु प्रमाण पत्र ज़रूरी है?

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हाँ, आप इस संपत्ति को अपनी माँ और चाचा के नाम पर ट्रांसफर करवा सकते हैं। चूंकि दादाजी, दादीजी और आपके पिताजी की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए अब उनके कानूनी वारिसों का नाम रिकॉर्ड में चढ़ाना होगा। इस प्रक्रिया को 'उत्तराधिकार' या 'दाखिल-खारिज' (Mutation) कहा जाता है।

आपको निम्नलिखित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  1. कानूनी वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate): सबसे पहले आपको तहसीलदार या स्थानीय नगर निगम से दादाजी और पिताजी का 'लीगल हेयर सर्टिफिकेट' बनवाना होगा। यह साबित करेगा कि आप, आपकी माँ और आपके चाचा ही इस संपत्ति के असली हकदार हैं।

  2. मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): जी हाँ, दादाजी, दादीजी और आपके पिताजी, तीनों का मृत्यु प्रमाण पत्र होना बहुत ज़रूरी है। बिना इसके यह साबित नहीं होगा कि संपत्ति का मालिक अब जीवित नहीं है। यदि आपके पास पुराने मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं हैं, तो आपको नगर निगम या जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार के दफ्तर से इनकी कॉपी निकलवानी होगी।

  3. उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate): यदि आपके पास कोई वसीयत नहीं है, तो आपको दीवानी अदालत (Civil Court) से 'सक्सेशन सर्टिफिकेट' के लिए आवेदन करना पड़ सकता है। कोर्ट एक सार्वजनिक नोटिस जारी करेगा ताकि देखा जा सके कि किसी और को इस पर कोई आपत्ति तो नहीं है। अगर कोई विरोध नहीं आता, तो कोर्ट आपके पक्ष में आदेश दे देगा।

  4. दाखिल-खारिज (Mutation): कोर्ट के आदेश या लीगल हेयर सर्टिफिकेट के आधार पर आपको स्थानीय पटवारी, तहसीलदार या नगर निगम के दफ्तर में 'दाखिल-खारिज' के लिए अर्जी देनी होगी। इसके बाद सरकारी रिकॉर्ड में दादाजी के नाम की जगह आपकी माँ और चाचा का नाम दर्ज कर दिया जाएगा।

चूंकि आपके चाचा भी हिस्सेदार हैं, इसलिए यह प्रक्रिया उनकी सहमति से आसानी से पूरी हो जाएगी। यदि आप चाहते हैं कि भविष्य में कोई विवाद न हो, तो आप आपसी सहमति से एक 'बँटवारानामा' (Partition Deed) भी बनवाकर रजिस्टर करा सकते हैं।


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