क्या संपत्ति के नाम पर दिया गया नोटरी कागज कानूनी रूप से मान्य होता है


सवाल

मेरे रिश्तेदार ने संपत्ति के लिए मुझे एक नोटरी किया हुआ कागज दिया था, लेकिन वह रजिस्टर्ड नहीं है। अब उनके वकील ने एक नोटिस में उस कागज की बात मानी है। क्या वे बाद में इस कागज को मानने से इनकार कर सकते हैं? क्या मैं वकील के उस नोटिस का इस्तेमाल उनके खिलाफ कर सकता हूँ? क्या मुझे इस कागज की जांच (FSL) करवानी चाहिए?

उत्तर (1)


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नहीं, केवल नोटरी किया हुआ कागज संपत्ति के मालिकाना हक (Ownership) के लिए कानूनी रूप से मान्य नहीं होता। भारतीय कानून के अनुसार, अगर आप किसी जमीन या मकान को अपने नाम करना चाहते हैं, तो उसका 'पंजीकरण' (Registration) सब-रजिस्ट्रार के दफ्तर में होना अनिवार्य है। नोटरी केवल यह साबित करती है कि कागज पर हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति सही है, लेकिन यह संपत्ति को ट्रांसफर करने का कानूनी जरिया नहीं है।

रजिस्ट्रेशन अधिनियम (Registration Act) की धारा 17 के तहत, 100 रुपये से अधिक की किसी भी अचल संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने के लिए रजिस्टर्ड दस्तावेज होना जरूरी है। अगर आपका कागज रजिस्टर्ड नहीं है, तो दूसरा पक्ष बाद में बड़ी आसानी से कोर्ट में यह कह सकता है कि यह कागज कानूनी रूप से वैध नहीं है।

हालांकि, आपके पास एक अच्छी बात यह है कि उनके वकील ने नोटिस में उस दस्तावेज का जिक्र किया है। आप इस नोटिस का इस्तेमाल कोर्ट में एक सबूत (Evidence) के तौर पर कर सकते हैं। यह नोटिस 'एडमिशन' (Admission) कहलाएगा, जिसका मतलब है कि उन्होंने खुद माना है कि ऐसा कोई कागज अस्तित्व में है। यह आपके पक्ष को मजबूत करेगा कि उनके बीच कोई लेनदेन या वादा हुआ था।

जहाँ तक एफएसएल (FSL) रिपोर्ट यानी फोरेंसिक जांच का सवाल है, इसकी जरूरत तब पड़ती है जब सामने वाला पक्ष यह कहे कि कागज पर उसके हस्ताक्षर (Signature) फर्जी हैं। अगर वे हस्ताक्षर की बात मान रहे हैं, लेकिन कागज की कानूनी वैधता पर सवाल उठा रहे हैं, तो एफएसएल से ज्यादा फायदा नहीं होगा।

मेरी सलाह है कि आप सबसे पहले उस नोटरी वाले कागज को आधार बनाकर कोर्ट में 'विशिष्ट प्रदर्शन' (Specific Performance) का केस करें, ताकि वे कानूनी रूप से उस संपत्ति की रजिस्ट्री आपके नाम करने पर मजबूर हों। वकील के नोटिस को इस केस में मुख्य सबूत के तौर पर लगाएं।


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