लड़का अपनी मौसी की बेटी से शादी करना चाहता है। हम इससे कैसे बच सकते हैं
सवाल
उत्तर (1)
नहीं, हिंदू कानून के अनुसार यह शादी पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी है। चूंकि लड़का और लड़की दोनों हिंदू हैं, इसलिए उन पर 'हिंदू विवाह अधिनियम, 1955' (Hindu Marriage Act) लागू होता है। इस कानून के तहत मौसी की बेटी से शादी करना 'प्रतिबंधित संबंधों' (Prohibited Relationships) की श्रेणी में आता है।
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 3 (g) के अनुसार, मौसी की बेटी आपकी 'बहन' (First Cousin) मानी जाती है और ऐसी शादी को कानून की नज़र में 'शून्य' (Void) माना जाता है। इसका मतलब है कि भले ही वे शादी कर लें, लेकिन उस शादी की कोई कानूनी मान्यता नहीं होगी और वह शुरू से ही रद्द मानी जाएगी।
शादी को रोकने के लिए माँ निम्नलिखित कानूनी कदम उठा सकती हैं:
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उम्र का आधार: चूंकि लड़के की उम्र अभी 21 साल नहीं हुई है, इसलिए वह शादी के लिए कानूनी रूप से योग्य नहीं है। भारत में पुरुषों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल है। यदि वे जबरदस्ती शादी करने की कोशिश करते हैं, तो आप पुलिस को सूचना देकर इसे 'बाल विवाह' (Child Marriage) के नियमों के तहत रुकवा सकती हैं।
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प्रतिबंधित संबंध का नोटिस: आप लड़के और लड़की के माता-पिता को एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेज सकती हैं, जिसमें यह साफ लिखा हो कि यह शादी हिंदू कानून के खिलाफ है और ऐसी शादी करने पर दंड मिल सकता है।
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अदालत से रोक (Injunction Order): आप अपने वकील के माध्यम से स्थानीय सिविल कोर्ट या फैमिली कोर्ट में शादी पर रोक लगाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। आप कोर्ट को बता सकती हैं कि यह शादी 'सपिंड' और 'प्रतिबंधित संबंधों' के दायरे में आती है, इसलिए इसे रोका जाए।
यदि वे फिर भी छिपकर शादी कर लेते हैं, तो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 18 के तहत उन्हें 1 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। ऐसी शादी को कभी भी कोर्ट में चुनौती देकर रद्द करवाया जा सकता है। इसके अलावा, चूंकि आपने कहा कि लड़के ने मौसी को मजबूर किया है, तो यह आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) का मामला भी बनता है।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me