बेटी को दहेज और घरेलू हिंसा के लिए परेशान करने वाले दामाद पर क्या कार्यवाही करें
सवाल
उत्तर (1)
हाँ, आप अपने दामाद और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठा सकते हैं। चूंकि आपकी बेटी को दहेज के लिए तंग किया गया है और घर से निकाल दिया गया है, इसलिए यह एक गंभीर अपराध है। भारत का कानून ऐसी स्थिति में महिलाओं को पूरी सुरक्षा देता है।
सबसे पहले आपको अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर BNS की धारा 85 और 86 (जो पहले IPC की धारा 498A थी) के तहत दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की लिखित शिकायत देनी चाहिए। अगर पुलिस FIR दर्ज करने में आनाकानी करती है, तो आप जिले के पुलिस कप्तान (SP) को चिट्ठी लिख सकते हैं। अगर वहां से भी मदद न मिले, तो आप अपने वकील के जरिए सीधे कोर्ट में मजिस्ट्रेट के पास शिकायत (156(3) BNSS के तहत) कर सकते हैं, जिससे कोर्ट खुद पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश देगा।
दूसरा बड़ा कदम है 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत केस दर्ज करना। इसमें आपकी बेटी को कई अधिकार मिलते हैं:
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खर्चे का अधिकार (Maintenance): कोर्ट दामाद को आदेश देगा कि वह आपकी बेटी के रहने और खाने-पीने का हर महीने खर्चा दे।
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घर में रहने का हक (Residence Order): कोर्ट दामाद को अपनी पत्नी को घर में रखने या उसके लिए अलग कमरे/घर का इंतजाम करने का आदेश दे सकता है।
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स्त्रीधन की वापसी: आपकी बेटी के गहने और शादी का जो भी सामान ससुराल वालों के पास है, उसे वापस दिलाने का आदेश कोर्ट दे सकता है।
चूंकि आपने पहले महिला सेल में शिकायत की थी, तो उस शिकायत की पर्ची (Diary Number) और पुराने समझौतों की नकल जरूर संभाल कर रखें। ये कागजात कोर्ट में साबित करेंगे कि आपकी बेटी ने रिश्ते को बचाने की कोशिश की थी लेकिन दामाद ने अपनी आदत नहीं बदली।
मेरी सलाह है कि आप दहेज की मांग से जुड़े सबूत, जैसे कि मैसेज, रिकॉर्डिंग या कोई भी पुराना मेडिकल पर्चा (अगर चोट लगी थी), इकट्ठा कर लें। इससे आपका केस बहुत मजबूत हो जाएगा और दामाद पर समझौते या कानूनी सजा का दबाव बनेगा।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me