पति अगर खर्चा न दें और मानसिक रूप से परेशान करें तो कौन सा केस दर्ज करवाएं


सवाल

मेरे पति शादी के बाद से ही मुझसे और बच्चे से दूर रहते हैं और परिवार की कोई जिम्मेदारी नहीं उठाते। वे बच्चे का खर्च भी नहीं देते और हमसे मिलने या बात करने से भी कतराते हैं। इसके अलावा, मेरे पति और ससुराल वाले शादी के पहले दिन से ही मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं जानना चाहती हूं कि इस गैर-जिम्मेदार व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के लिए मैं उन पर कौन-कौन से कानूनी मुकदमे दर्ज करवा सकती हूं?

उत्तर (2)


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यह एक बहुत ही दुखद स्थिति है, लेकिन कानूनन कोई भी पति अपनी पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। पति का यह व्यवहार न केवल अनैतिक है बल्कि एक कानूनी अपराध भी है। उसे सबक सिखाने और अपना अधिकार पाने के लिए आप एक साथ तीन मोर्चों पर कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं।

सबसे पहले, अपने और बच्चे के जीने के अधिकार के लिए आपको तुरंत पारिवारिक न्यायालय (Family Court) में 'भरण-पोषण' (Maintenance) का मुकदमा दायर करना चाहिए। नई 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 144 (जो पहले सीआरपीसी 125 थी) के तहत कोर्ट आपके पति को आदेश देगा कि वह अपनी हैसियत के हिसाब से आपको और बच्चे को हर महीने खर्चा दे। कोर्ट यह नहीं सुनेगा कि वह दूर रहता है या बेरोजगार है; पत्नी का पेट पालना उसकी कानूनी जिम्मेदारी है।

दूसरा, तुरंत राहत पाने के लिए आप 'घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005' (Domestic Violence Act) की धारा 12 के तहत मजिस्ट्रेट के पास शिकायत दर्ज करवाएं। यह कानून सबसे तेज काम करता है। इसमें आप कोर्ट से मांग करें कि पति आपको रहने के लिए घर (या किराया) दे, बच्चे की स्कूल फीस दे और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा (Compensation) भी दे।

तीसरा, जो मानसिक प्रताड़ना ससुराल वाले और पति शादी के पहले दिन से दे रहे हैं, वह एक आपराधिक जुर्म है। इसके लिए आप महिला पुलिस थाने में जाकर उनके खिलाफ नई 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धारा 85 (जो पहले आईपीसी 498A थी) के तहत एफआईआर दर्ज करवा सकती हैं। इसे 'क्रूरता' (Cruelty) कहा जाता है। इसमें पति और सास-ससुर को 3 साल तक की जेल हो सकती है। आप सबसे पहले महिला सेल (CAW Cell) में शिकायत दें, वहां पुलिस पहले उन्हें बुलाकर समझाने की कोशिश करेगी, अगर वे नहीं सुधरे तो एफआईआर दर्ज हो जाएगी।

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अगर पति अपनी वैवाहिक ज़िम्मेदारियाँ नहीं लेता है, तो आप परिवार अदालत में भरण-पोषण का मामला दायर कर सकते हैं। आप वैवाहिक घर में घरेलू आश्रय लेने के लिए घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज कर सकते हैं। यदि वे आप से किसी भी पैसे की मांग करने के साथ-साथ क्रूरता का कार्य कर रहे हैं तो आप CAW सेल को शिकायत दर्ज कर सकते हैं जो आपके पति को बुलाएगा और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करेगा जिसके बाद वह अपने सभी वैवाहिक दायित्वों का निर्वहन करेगा।


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