क्या गोद लेने के मामले में जाति श्रेणी सामान्य से अनुसूचित जाति में बदल सकती है
सवाल
उत्तर (4)
नहीं, केवल गोद लिए जाने के आधार पर आपकी मूल जाति श्रेणी (Caste Category) सामान्य से बदलकर अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) नहीं हो सकती। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कई फैसलों में यह साफ किया है कि आरक्षण का लाभ उस व्यक्ति को मिलता है जिसने उस जाति में जन्म लिया हो और उस जाति से जुड़ी सामाजिक कठिनाइयों को झेला हो। सिर्फ कागजों पर गोद लेने से जन्म की जाति नहीं बदलती।
कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम (Hindu Adoptions and Maintenance Act) के तहत की जाती है। हालांकि गोद लेने के बाद आप अपने दत्तक माता-पिता की संपत्ति के हकदार बन जाते हैं और उनका नाम आपके दस्तावेजों में जुड़ जाता है, लेकिन आपकी जाति वही रहती है जो जन्म के समय थी। यदि कोई व्यक्ति केवल आरक्षण का लाभ लेने के लिए गोद लेने की प्रक्रिया अपनाता है, तो कानून की नज़र में इसे एक दिखावटी कदम माना जाता है।
जाति एक ऐसी पहचान है जो जन्म से तय होती है (Caste is determined by birth)। यदि आप सामान्य वर्ग में पैदा हुए हैं, तो आप अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर नौकरी या शिक्षा में दावा नहीं कर सकते, भले ही आपको गोद लेने वाले माता-पिता उसी श्रेणी के क्यों न हों। ऐसा करना धोखाधड़ी माना जा सकता है और इससे आपका जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) रद्द किया जा सकता है।
मेरी सलाह है कि आप केवल जाति बदलने या आरक्षण पाने के मकसद से गोद लेने की प्रक्रिया में न पड़ें, क्योंकि कानूनी रूप से यह मान्य नहीं होगा। बेहतर होगा कि आप अपनी मूल श्रेणी के आधार पर ही अपने भविष्य की योजना बनाएं। यदि आप बिना किसी स्वार्थ के केवल पारिवारिक संबंधों के लिए गोद लेना चाहते हैं, तो आप कानूनी प्रक्रिया (Legal Procedure) पूरी कर सकते हैं, लेकिन जाति का लाभ नहीं मिलेगा।
यदि आपकी आयु 12 वर्ष से कम है तो कोई आपको गोद ले सकता है लेकिन जो आपको गोद लेने जा रहा है उसके लिए या दोनों के लिए पूर्व आवश्यकता है। भारतीय दत्तक ग्रहण कानून है जो इसे नियंत्रित करता है। किसी अच्छे वकील से सलाह लेना बेहतर है। जाति परिवर्तन के संबंध में, हाँ यदि अनुसूचित जाति बच्चे को गोद लेती है, तो बच्चा अनुसूचित जनजाति से संबंधित है
जिन व्यक्तियों को गोद लिया जा सकता है- कोई भी व्यक्ति तब तक गोद लेने के योग्य नहीं होगा जब तक कि निम्नलिखित शर्तों को पूरा नहीं किया जाता है, अर्थात्- (i) वह हिंदू है; (ii) उसे पहले से ही गोद नहीं लिया गया है; (iii) उसकी शादी नहीं हुई है, जब तक कि पार्टियों पर लागू होने वाली कोई प्रथा या प्रथा नहीं है जो विवाहित व्यक्तियों को गोद लेने की अनुमति देती है; (iv) उसने पन्द्रह वर्ष की आयु पूरी नहीं की है, जब तक कि पार्टियों पर लागू होने वाली कोई प्रथा या प्रथा नहीं है जो पंद्रह वर्ष की आयु पूरी कर चुके व्यक्तियों को गोद लेने की अनुमति देती है।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me