ससुराल में रहना नहीं चाहती तलाक के लिए क्या करना चाहिए


सवाल

मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं और ससुराल वाले मुझे बहुत परेशान करते हैं। मैं पिछले 9 महीने से अपने पति से अलग रह रही हूँ और अब उनके साथ बिल्कुल नहीं रहना चाहती क्योंकि मुझे अपनी जान का खतरा है। मेरी एक छोटी बेटी भी है। मेरे पति न तो साथ रहते हैं और न ही तलाक दे रहे हैं, ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?

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हाँ, आप अपने पति की इच्छा के बिना भी अदालत के माध्यम से तलाक (Divorce) ले सकती हैं। यदि आपके पति और ससुराल वाले आपको शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित (Harassment) करते हैं, तो यह कानूनन 'क्रूरता' की श्रेणी में आता है। चूंकि आप 9 महीने से अलग रह रही हैं और आपके पति तलाक देने को तैयार नहीं हैं, इसलिए आपको कोर्ट में एकतरफा तलाक (Contested Divorce) की याचिका दायर करनी होगी।

सबसे पहले आपको अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा (Domestic Violence) का मामला दर्ज करना चाहिए। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 और धारा 115 के तहत पत्नी के साथ मारपीट और क्रूरता करना गंभीर अपराध है। इसके साथ ही, आप अदालत से अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा आदेश (Protection Order) की मांग भी कर सकती हैं।

चूंकि आप अलग रह रही हैं और आपकी एक बेटी भी है, इसलिए आपको तुरंत भरण-पोषण (Maintenance) का केस भी दाखिल करना चाहिए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के तहत कोर्ट आपके पति को आदेश देगा कि वह आपकी और आपकी बेटी के पालन-पोषण के लिए हर महीने एक निश्चित राशि दे। यह केस आप अपने मायके वाले शहर से भी कर सकती हैं।

तलाक की प्रक्रिया में आपकी बेटी की कस्टडी (Custody) का मामला भी महत्वपूर्ण होगा। आमतौर पर छोटी बच्ची की कस्टडी मां को ही मिलती है, जब तक कि पिता यह साबित न कर दे कि मां बच्ची की देखभाल करने में सक्षम नहीं है। आपके पास मौजूद ससुराल वालों की मारपीट के सबूत या गवाह आपके तलाक के मामले को मजबूत बनाएंगे।

मेरी सलाह है कि आप किसी अच्छे वकील के माध्यम से परिवार न्यायालय (Family Court) में तलाक का नोटिस भेजें। कई बार जब पति को घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के मुकदमों का सामना करना पड़ता है, तो वह आपसी सहमति (Mutual Consent) से तलाक देने के लिए तैयार हो जाता है, जिससे मामला जल्दी सुलझ सकता है।

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आपके प्रश्न के जवाब में विधिक सलाह है कि आप अपने मायके से या जहां कहीं भी आप रह रही हूं वहां से ही तलाक का मुकदमा पारिवारिक न्यायालय में दाखिल कर सकती हैं लेकिन तलाक का मुकदमा दाखिल करने से पहले गुजारा भत्ता का मुकदमा दाखिल करें जिससे आपको मुकदमा लड़ने का पैसा, घर चलाने का पैसा आपके पति द्वारा मिल जाएगा गुजारा भत्ता का मुकदमा दाखिल करने के तुरंत बाद घरेलू हिंसा का मुकदमा अपने ससुराल पक्ष के विरुद्ध दाखिल करें


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