विकलांग पति के लिए तलाक रोकने और घर बचाने के कानूनी उपाय क्या हैं


सवाल

मेरी शादी जनवरी 2020 में हुई थी और नवंबर 2020 में मेरी पत्नी घर छोड़कर चली गई। मैंने शादी का पूरा खर्च खुद उठाया और अपनी पत्नी के परिवार पर कोई बोझ नहीं डाला। अब वह तलाक मांग रही है, जबकि मैं शारीरिक रूप से विकलांग (पोलियो से ग्रस्त) हूं और उनसे बहुत प्यार करता हूं। शादी से पहले उन्हें मेरी स्थिति के बारे में सब पता था। क्या विकलांग व्यक्तियों के लिए कोई विशेष कानून है जो मेरी शादी बचाने में मदद कर सके और मेरी भावनाओं के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को रोक सके?

उत्तर (2)


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भारतीय कानून में विकलांगता के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता, विशेषकर तब जब आपकी पत्नी को शादी से पहले ही आपकी स्थिति (Polio) के बारे में पूरी जानकारी थी। चूंकि उन्होंने सब जानते हुए आपसे शादी की थी, इसलिए अब वे केवल इस आधार पर तलाक नहीं ले सकतीं। हालांकि, विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के लिए विशिष्ट 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम' है, लेकिन वैवाहिक मामलों में मुख्य रूप से हिंदू विवाह अधिनियम के नियम ही लागू होते हैं।

सबसे पहले आपको यह समझना चाहिए कि कानून किसी भी व्यक्ति को शादी के एक साल के भीतर तलाक की अर्जी देने की अनुमति बहुत ही खास परिस्थितियों में ही देता है। अगर आप अपनी शादी बचाना चाहते हैं, तो आपको तुरंत हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत दांपत्य अधिकारों की बहाली (Restitution of Conjugal Rights) के लिए कोर्ट में केस फाइल करना चाहिए।

यह कानून कोर्ट को यह अधिकार देता है कि वह आपकी पत्नी को बिना किसी ठोस कारण के अलग रहने से रोके और उन्हें वापस आपके साथ रहने का आदेश दे।

आपके मामले में यह जरूरी है कि आप अपनी तरफ से पहल करें। अगर आप चुप रहते हैं, तो आपकी पत्नी या उनके घरवाले आपके खिलाफ घरेलू हिंसा या भरण-पोषण (Maintenance) का झूठा केस कर सकते हैं। कोर्ट में आप यह पक्ष मजबूती से रख सकते हैं कि आपने शादी में पूरा सहयोग किया और आपकी शारीरिक स्थिति का पता होने के बावजूद अब आपको मानसिक प्रताड़ना (Cruelty) दी जा रही है।

एक विकलांग व्यक्ति होने के नाते, यदि आपकी पत्नी आप पर निर्भर है और वह बिना वजह अलग रह रही है, तो कोर्ट मानवीय आधार पर आपकी स्थिति को सहानुभूति से देखता है।

मेरी सलाह है कि आप किसी वकील के माध्यम से उन्हें एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजें, जिसमें प्यार और सम्मान के साथ उन्हें वापस आने का न्योता दिया गया हो। इससे कोर्ट में यह साबित होगा कि आप अपनी तरफ से रिश्ता निभाना चाहते थे। साथ ही, शादी और सगाई के खर्चों के रिकॉर्ड भी संभाल कर रखें, ताकि अगर वे भविष्य में पैसों की गलत मांग करें, तो आप अपना बचाव कर सकें।

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प्रिय महोदय, शादी के एक साल के भीतर कोई भी तलाक के लिए आवेदन नहीं कर सकता है। आपके मामले में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत कानूनी नोटिस जारी करना बेहतर है, जिसमें उसे वैवाहिक घर लौटने के लिए कहा जाए और इस तरह आप शादी को बचा सकते हैं। यदि आप ऐसा नोटिस जारी नहीं करते हैं तो संभावना है कि वह झूठा घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कर सकती है और मासिक भरण-पोषण का दावा कर सकती है।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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