क्या तलाक के बाद पत्नी और बच्चे का सास या पति की संपत्ति पर अधिकार होता है


सवाल

तलाक के बाद मैं और मेरा बेटा अपने पति की संपत्ति में क्या दावा कर सकते हैं? अगर सारी संपत्ति मेरी सास के नाम पर है, तो क्या मेरा बेटा अपनी दादी की संपत्ति में हिस्सा पाने का हकदार है? कृपया मुझे बताएं कि कानून इस बारे में क्या प्रावधान देता है।

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तलाक होने के बाद पत्नी का अपने पति की संपत्ति पर अधिकार कानूनी तौर पर खत्म हो जाता है, लेकिन बच्चों का अधिकार उनके पिता की संपत्ति पर हमेशा बना रहता है। जहां तक आपकी सास की संपत्ति का सवाल है, तो कानून इसे उनकी अपनी कमाई हुई संपत्ति (Self-acquired Property) मानता है। यदि कोई संपत्ति सास के नाम पर है और उन्होंने वह खुद खरीदी है, तो उन पर किसी का कोई कानूनी हक नहीं बनता। वे अपनी मर्जी से वह संपत्ति किसी को भी दे सकती हैं।

आपके बेटे का दावा केवल तभी मजबूत होता है जब वह संपत्ति पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) हो। पैतृक संपत्ति वह होती है जो पिता को अपने दादा या परदादा से विरासत में मिली हो। अगर आपके पति की मृत्यु हो जाती है और उन्होंने कोई वसीयत (Will) नहीं छोड़ी है, तो बेटा अपने पिता के हिस्से का उत्तराधिकारी (Legal Heir) बनेगा। लेकिन जब तक आपके पति और सास जीवित हैं, वे अपनी खुद की कमाई से बनाई गई संपत्ति के मालिक खुद रहेंगे।

तलाक के समय, पत्नी के रूप में आप अपने और अपने बच्चे के भविष्य के लिए पति से गुजारा भत्ता (Maintenance) या एकमुश्त राशि (Alimony) की मांग कर सकती हैं। कोर्ट बच्चे की पढ़ाई और परवरिश के लिए पिता को खर्च देने का आदेश दे सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 (Section 144) के तहत बच्चे का भरण-पोषण पाने का अधिकार तलाक के बाद भी खत्म नहीं होता।

मेरी सलाह है कि आप संपत्ति के कागजात की जांच किसी वकील से करवाएं ताकि यह पता चल सके कि वह संपत्ति पैतृक है या सास की खुद की कमाई हुई। अगर वह पैतृक है, तो आपके बेटे का जन्मसिद्ध अधिकार सुरक्षित रहेगा।


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