क्या पत्नी की मानसिक प्रताड़ना पर बिना गुजारा भत्ता दिए तलाक मिल सकता है


सवाल

 मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं और मेरी पत्नी मुझे मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित करती है जिस कारण मैं अब उसके साथ नहीं रहना चाहता। समस्या यह है कि वह मुझे छोड़ना नहीं चाहती है जबकि मैं उससे अलग होना चाहता हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या ऐसा कोई कानूनी रास्ता है जिससे मुझे उससे तलाक भी मिल जाए और मुझे उसे कोई गुजारा भत्ता भी न देना पड़े?

उत्तर (2)


139 votes

जी हां, मानसिक प्रताड़ना तलाक लेने का एक बहुत मजबूत कानूनी आधार है। अगर आपकी पत्नी आपसी सहमति से तलाक देने को तैयार नहीं है, तो आप हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत 'क्रूरता' (Cruelty) के आधार पर कोर्ट में 'विवादित तलाक' (Contested Divorce) की याचिका दायर कर सकते हैं।

इसके लिए आपको कोर्ट में सबूत पेश करने होंगे कि आपकी पत्नी का व्यवहार आपके प्रति क्रूर है। आप सबूत के तौर पर उसकी गाली-गलौज की ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग, अपमानजनक मैसेज या अगर आपने तनाव के कारण किसी डॉक्टर से इलाज करवाया है, तो उसकी मेडिकल रिपोर्ट पेश कर सकते हैं। अगर कोर्ट को लगता है कि उसके साथ रहना आपके लिए मानसिक रूप से घातक है, तो कोर्ट आपको तलाक दे देगा।

जहां तक 'गुजारा भत्ता' (Alimony/Maintenance) न देने का सवाल है, चूंकि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं, इसलिए इससे पूरी तरह बचना थोड़ा मुश्किल होता है। कोर्ट का नियम है कि पति को अपनी पत्नी का भरण-पोषण करना ही होता है। हालांकि, 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) की धारा 144 (जो पहले सीआरपीसी 125 थी) के तहत आप गुजारा भत्ता देने से इनकार कर सकते हैं अगर:

  1. पत्नी बिना किसी उचित कारण के अलग रह रही हो (लेकिन यहां आप अलग होना चाहते हैं)।

  2. पत्नी 'जारकर्म' (Adultery) में लिप्त हो यानी उसका किसी और से संबंध हो।

  3. पत्नी खुद कमाने में सक्षम हो और अच्छी नौकरी कर रही हो।

अगर आपकी पत्नी नौकरी नहीं करती है और उसका चरित्र भी साफ है, तो कोर्ट आपको अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा (आमतौर पर 20-30%) उसे देने का आदेश दे सकता है। इसे पूरी तरह शून्य करवाना बहुत कठिन है, जब तक कि आप यह साबित न कर दें कि वह खुद अपना खर्चा उठाने में पूरी तरह सक्षम है।

290 votes

नमस्कार ,

डाइवोर्स लेने के केवल 2 तरीके होते हैं पहला आपसी सहमति से और दूसरा जब केवल एक व्यक्ति कोर्ट के पास जाता है तलाक लेने के लिए . अगर आप तलाक लेना चाहते हैं और वह नहीं तो, आप अपने पास के न्यायालय में जाकर एक अच्छे वकील से मिलिए और उनके द्वारा तलाक की याचिका दर्ज करवा लीजिए .

गुजारा भत्ता के बारे में निर्णय जज ही देंगे . अगर आप अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देना चाहते हैं तो आपको कोर्ट में यह बात किसी ठोस विचार से बोलनी ली होगी .

धन्यवाद


अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में तलाक वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


भारत के अनुभवी तलाक वकीलों से सलाह पाए


तलाक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न