पति झूठे आरोपों पर तलाक का नोटिस भेजे तो क्या करें


सवाल

मेरे दो बच्चे हैं और मेरे पति ने मुझ पर चरित्रहीन होने का झूठा आरोप लगाकर तलाक का कानूनी नोटिस भेजा है। जबकि सच्चाई यह है कि उनका खुद बाहर किसी महिला से संबंध है और मेरे पास इसके सबूत भी हैं। मैं अपने बच्चों के भविष्य और आर्थिक मजबूरी के कारण तलाक नहीं चाहती। कृपया मुझे बताएं कि मैं इस नोटिस का जवाब कैसे दूं और अपना घर टूटने से कैसे बचाऊं?

उत्तर (1)


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सबसे पहले आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कानूनी नोटिस' (Legal Notice) केवल एक चेतावनी होती है, यह अदालत का आदेश नहीं है। आपके पति ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए आप पर पहले वार करने की कोशिश की है, लेकिन कानूनन उनका यह दांव उल्टा पड़ सकता है।

चूंकि आप तलाक नहीं चाहतीं, आपको एक वकील के माध्यम से इस नोटिस का एक बहुत ही कड़ा जवाब भेजना चाहिए। जवाब में आप उनके द्वारा लगाए गए व्यभिचार (Adultery) और क्रूरता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करें। साथ ही, उस जवाब में यह भी लिखें कि वास्तव में वे ही किसी और महिला के साथ संबंध में हैं और आपके पास इसके पक्के सबूत (कॉल रिकॉर्डिंग) हैं। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 23(1)(a) के तहत, कोई भी व्यक्ति अपनी गलती (जैसे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) का फायदा उठाकर तलाक नहीं मांग सकता।

अपना घर बचाने और आर्थिक सुरक्षा के लिए आपको तुरंत ये तीन कानूनी कदम उठाने चाहिए:

  1. दंपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना (Section 9 HMA): आप तुरंत कोर्ट में 'हिंदू विवाह अधिनियम' की धारा 9 का मुकदमा दायर करें। इसमें आप कोर्ट से कहें कि आप अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। यह साबित करेगा कि आपकी मंशा घर बचाने की है, तोड़ने की नहीं।

  2. भरण-पोषण का दावा (Maintenance): चूंकि आपके पास आय का साधन नहीं है, आप 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 144 (जो पहले सीआरपीसी 125 थी) के तहत अपने और बच्चों के लिए खर्चे का मुकदमा करें। कोर्ट आपके पति की हैसियत के हिसाब से आपको हर महीने पैसा देने का आदेश देगा, चाहे तलाक का केस चले या न चले।

  3. घरेलू हिंसा का केस (Domestic Violence Act): आप धारा 12 के तहत कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाएं। इससे आपको उसी घर में रहने का 'सुरक्षा आदेश' (Residence Order) मिल जाएगा, जिससे पति आपको घर से नहीं निकाल पाएंगे।

आपके पास जो रिकॉर्डिंग है, वह कोर्ट में सबसे बड़ा सबूत बनेगी। जब कोर्ट देखेगा कि पति खुद गलत है और पत्नी घर बसाना चाहती है, तो पति के लिए तलाक लेना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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