क्या नोटरी के कागजों पर की गई शादी कानूनी रूप से मान्य होती है


सवाल

एक महिला ने मुझसे बिना तलाक लिए जबरदस्ती नोटरी के कागजों पर शादी के लिए दस्तखत करवा लिए हैं। अब उसने मेरे खिलाफ धारा 498 के तहत पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। क्या इस तरह नोटरी पर किए गए हस्ताक्षर से हमारी शादी कानूनी मानी जाएगी? क्या मुझे इस मामले में सजा हो सकती है और मुझे अब क्या करना चाहिए?

उत्तर (2)


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नोटरी के कागज पर की गई शादी कानूनी रूप से बिल्कुल भी मान्य नहीं है। भारतीय कानून के अनुसार, शादी या तो धार्मिक रीति-रिवाजों से होनी चाहिए या फिर कोर्ट मैरिज (Court Marriage) के जरिए रजिस्टर्ड होनी चाहिए। सिर्फ स्टाम्प पेपर या नोटरी पर दस्तखत करने से कोई भी शादी वैध नहीं मानी जाती। चूंकि आपकी पहली शादी से अभी तलाक नहीं हुआ है, इसलिए कानून की नजर में यह दूसरी शादी वैसे भी अमान्य (Void) है।

जहां तक आपके ऊपर हुई एफआईआर (FIR) की बात है, तो पुलिस को अब सीधे गिरफ्तारी करने का अधिकार नहीं है। नए नियमों के अनुसार, पुलिस को पहले आपको जांच में शामिल होने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 (Section 35) का नोटिस देना होगा, जिसे पहले धारा 41ए (Section 41A) कहा जाता था। आपको इस नोटिस का जवाब देना चाहिए और पुलिस के पास जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए कि आपसे दस्तखत जबरदस्ती करवाए गए हैं।

अगर महिला ने दहेज प्रताड़ना या क्रूरता (Cruelty) का आरोप लगाया है, तो आपको अदालत में यह साबित करना होगा कि वह आपकी कानूनी पत्नी ही नहीं है। बिना वैध शादी के धारा 498 के तहत केस टिकना मुश्किल होता है। आप अपने बचाव के लिए हाईकोर्ट में इस झूठी एफआईआर को रद्द करवाने के लिए याचिका भी डाल सकते हैं।

मेरी सलाह है कि आप तुरंत एक वकील से बात करें और अपने पास मौजूद सबूत इकट्ठा करें जो यह दिखा सकें कि आपसे दस्तखत दबाव में लिए गए थे। अगर आपको गिरफ्तारी का डर है, तो आप अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए भी अर्जी दे सकते हैं।

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"बिना तलाक के एक महिला ने नोटरी पेपर पर मुझसे जबरन हस्ताक्षर करवाए" मैं आपकी क्वारी समझने में सक्षम नहीं हूं. वैसे भी नोटरी पर शादी कानूनी शादी नहीं है. लेकिन हमारे रिवाज के अनुसार, अगर हम शादी के लिए सहमत हैं और पति और पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे हैं तो किसी भी कागज की आवश्यकता नहीं है. आजकल आईपीसी 498 चिंता का विषय नहीं है, क्योंकि, पहले पुलिस को आपको सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत नोटिस देना होगा.


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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