कोर्ट मैरिज को कैंसिल कैसे करे


सवाल

मेरी दोस्त (हिंदू लड़की) ने 18 साल की उम्र में एक हिंदू लड़के से कोर्ट मैरिज की थी। विवाह सरकारी रूप से पंजीकृत हुआ था, जिसमें उसके परिवार के सदस्य, तहसीलदार और दो दोस्तों ने गवाह के रूप में सिग्नेचर किए थे। लेकिन शादी के बाद से लड़की कभी अपने पति के साथ नहीं रही और पिछले 5 सालों से अपने माता-पिता के साथ रह रही है।

अब वह यह जानना चाहती है:

  1. क्या इस शादी का अभी भी कोई कानूनी आधार है?
  2. क्या रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट को रद्द किया जा सकता है? अगर हां, तो इसकी प्रक्रिया क्या है?
  3. क्या वह बिना इस शादी को खत्म किए किसी और से कानूनी रूप से शादी कर सकती है?
  4. अगर वह बिना तलाक दिए किसी और से दूसरी शादी कर लेती है, तो क्या यह कानूनी रूप से मान्य होगी?

उत्तर (3)


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कोर्ट मैरिज या रजिस्टर्ड विवाह को सीधे रद्द करने का कोई प्रावधान नहीं है। विवाह को समाप्त करने के लिए तलाक या विवाह निरस्तीकरण (Annulment) का सहारा लेना होगा।

1. क्या इस विवाह का कोई कानूनी आधार है?
हां, यह विवाह कानूनी रूप से मान्य है, भले ही लड़की अपने पति के साथ न रही हो। एक बार विवाह स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 या हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत पंजीकृत हो जाए, तो इसे बिना तलाक दिए समाप्त नहीं किया जा सकता।

2. क्या विवाह प्रमाणपत्र (Marriage Certificate) रद्द किया जा सकता है?
नहीं, विवाह प्रमाणपत्र को रद्द करने का कोई कानूनी तरीका नहीं है। यदि विवाह में धोखाधड़ी, ज़बरदस्ती, या आपसी सहमति ना हो, तो विवाह शून्य (Void) या शून्यकरणीय (Voidable) घोषित किया जा सकता है।

3. क्या लड़की बिना विवाह रद्द किए दोबारा शादी कर सकती है?
नहीं। जब तक पहली शादी कानूनी रूप से समाप्त नहीं हो जाता, तब तक लड़की दूसरी शादी नहीं कर सकती।

4. अगर लड़की किसी और से दूसरी शादी कर ले, तो क्या वह कानूनी होगी?
नहीं। बिना तलाक के दूसरी शादी अवैध (Illegal) और हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 494 के तहत अपराध मानी जाएगी। इसमें सजा भी हो सकती है।

क्या करें?
अगर दोनों पक्ष सहमत हैं, तो आपसी सहमति से तलाक लें। यदि जबरदस्ती या धोखाधड़ी से विवाह हुआ था, तो अदालत में इसे शून्य घोषित कराने के लिए अर्जी दें। एक अनुभवी वकील से संपर्क करें ताकि तलाक लेने के लिए सही कानूनी कदम उठाए जा सकें।

292 votes

आपकी दोस्त ने पंजीकृत विवाह किया है जो की हिंदू विवाह अधिनियम 1956 कै अनुसार मान्य है विवाह-विच्छेद करने का अधिकार सिर्फ न्यायालय के पास है। आप किसी अनुभवी वकील की सहायता से परिवार न्यायालय में एक तलाक याचिका विवाह को खत्म करने हेतु दायर कर सकती है जजमेंट प्राप्त होने के बाद विवाह निरस्त हो जाता है।


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