अगर विवाह पंजीकृत नहीं है तो क्या तलाक जरूरी नहीं है


सवाल

अगर किसी शादी का सरकारी पंजीकरण नहीं हुआ है, तो क्या अलग होने के लिए तलाक लेना जरूरी है? मेरी शादी हुई थी लेकिन हमने उसे रजिस्टर नहीं करवाया था, अब मैं जानना चाहता हूँ कि क्या हमें कानूनी रूप से तलाक लेने की जरूरत पड़ेगी या हम बिना कागजी कार्रवाई के अलग हो सकते हैं?

उत्तर (1)


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अगर आपकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों से हुई है, तो भले ही उसका पंजीकरण (Registration) न हुआ हो, कानूनी रूप से अलग होने के लिए तलाक लेना अनिवार्य है। कानून की नजर में एक वैध रीति-रिवाज से हुई शादी पूरी तरह मान्य होती है और उसे बिना अदालती आदेश के खत्म नहीं किया जा सकता।

आपके पास पहला और आसान विकल्प आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce) लेने का है। अगर पति और पत्नी दोनों अलग होने को तैयार हैं, तो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13बी के तहत संयुक्त याचिका दायर की जा सकती है। इसके लिए शर्त यह है कि आप दोनों एक साल या उससे ज्यादा समय से अलग रह रहे हों और साथ रहने की कोई गुंजाइश न बची हो। इस प्रक्रिया में आमतौर पर 6 महीने का समय लगता है।

यदि दूसरा पक्ष तलाक के लिए राजी नहीं है, तो आप हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत क्रूरता या परित्याग जैसे आधारों पर याचिका दायर कर सकते हैं। चूंकि शादी पंजीकृत नहीं है, इसलिए अदालत में शादी के सबूत के तौर पर आप शादी की तस्वीरें, शादी का कार्ड या गवाहों के बयान पेश कर सकते हैं।

बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करना अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए भविष्य की कानूनी परेशानियों से बचने के लिए कोर्ट से तलाक की डिक्री (Decree) लेना बहुत जरूरी है।


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