अकाउंट बंद होने पर चेक बाउंस होने के बाद पैसा वापस लेने के लिए क्या करें
सवाल
उत्तर (2)
आपका मामला बहुत ही गंभीर है, खासकर इसलिए क्योंकि आपके मित्र ने खाता बंद होने की जानकारी के बावजूद आपको चेक दिया। यह धोखाधड़ी (Cheating) के इरादे को दर्शाता है, जो आपके लिए कानूनी तौर पर एक मजबूत आधार है।
आपको अपनी राशि वापस पाने के लिए अब 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' (Negotiable Instruments Act - NI Act) के तहत नहीं, बल्कि आपराधिक (Criminal) रास्ते से आगे बढ़ना होगा, क्योंकि चेक बाउंस केस की समय-सीमा (Time Limit) समाप्त हो चुकी है।
1. आपराधिक शिकायत दर्ज करें (BNS धारा 318)
खाता बंद होने के बाद भी चेक जारी करना एक धोखाधड़ी का कार्य है। यह 'भारतीय न्याय संहिता' की धारा 318 (जो पहले IPC की धारा 420 थी) के तहत अपराध है।
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कार्रवाई: आप सीधे मजिस्ट्रेट (Magistrate) के पास 'आपराधिक शिकायत' (Criminal Complaint) दर्ज कर सकते हैं या पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवा सकते हैं।
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आधार: आपका मुख्य आधार यह होगा कि:
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उसने आपको अमान्य चेक (Invalid Check) दिया।
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खाता चेक की तारीख (15/12/2018) से पहले ही (फरवरी 2018 में) बंद कर दिया गया था।
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उसका इरादा शुरू से ही आपको धोखा देना था और उसने आपके गंभीर हालात (एक्सीडेंट, कैंसर) का फायदा उठाया।
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यह आपराधिक मामला आपके मित्र पर सबसे अधिक दबाव डालेगा क्योंकि इसमें सज़ा (Imprisonment) का प्रावधान है।
2. सिविल केस में स्थिति (Recovery Suit)
उधार दी गई राशि की वसूली के लिए दीवानी न्यायालय (Civil Court) में 'धन वसूली का मुकदमा' (Suit for Recovery of Money) दायर करने की समय-सीमा 3 साल होती है।
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चूंकि कर्ज 2016 का है, इसकी 3 साल की समय-सीमा (Limitation Period) 2019 में ही समाप्त हो चुकी है।
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हालांकि, 15/12/2018 का चेक कर्ज की लिखित स्वीकृति (Written Acknowledgement of Debt) माना जाता है। इस चेक की तारीख से भी 3 साल की सीमा दिसंबर 2021 में समाप्त हो चुकी है।
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लेकिन, आपराधिक मुकदमा (BNS 318) दर्ज करने की समय-सीमा आमतौर पर लंबी होती है और इसमें आपराधिक धोखाधड़ी पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, न कि केवल कर्ज वसूली पर।
आपकी प्राथमिकता आपराधिक शिकायत दर्ज करने की होनी चाहिए, जिसमें आपको अपनी बेटी के इलाज के कारण हुई देरी का भी उल्लेख करना चाहिए। यह शिकायत देनदार पर कानूनी दबाव बनाएगी और भुगतान करने के लिए मजबूर करेगी। आपराधिक मामले में, कोर्ट मुआवजे (Compensation) का आदेश भी दे सकता है।
अगर चेक एकाउंट बन्द करने के कारण dishonour हो गया है तो भी कोई बात नही। आपके पास कानूनी अधिकार है केस फ़ाइल करने का। आप वकील के माध्यम से एक कानूनी रूप से जरूरी नोटिस भिजवाए और यदि नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर अंदर आपको पेमेंट नही मिलती है तो आप कोर्ट में केस फ़ाइल कर सकते है ।
ध्यान रहे चेक बाउंस होने के 30 दिनों के अंदर अंदर पार्टी को नोटिस भेजना अनिवार्य है।
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- सर मेरे ऊपर एक्स बाउंस का केस हुआ है और मुझे संबंध भेजा गया है लुधियाना कोर्ट से कि मुझे यह पता करना है कि जो कैसे लगाया है वह कितने पैसों का लगाया है मेरी पांच एमी बोनस हुई है तो क्या सारे एमी बस करके कैसे लगाया है यह एक एमी का कैसे लगेगा मुझे यह पता करना है
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