क्या चेक बाउंस केस करने के लिए चेक को तीन बार बाउंस कराना जरूरी है


सवाल

मैं जानना चाहता हूँ कि चेक बाउंस का केस करने के लिए क्या चेक को बैंक में तीन बार बाउंस कराना ज़रूरी होता है? क्या चेक को एक ही बार बाउंस कराकर केस नहीं किया जा सकता है? चेक का पैसा जल्दी वापस पाने के लिए कोई तरीका बताइए, सर।

उत्तर (2)


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नहीं, चेक बाउंस का केस दर्ज करने के लिए चेक को तीन बार बैंक में बाउंस कराना बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है। यह एक आम गलत धारणा है।

आप चेक को केवल एक बार बाउंस कराकर भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं, बशर्ते आपने 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' (Negotiable Instruments Act - NI Act) की धारा 138 के तहत निर्धारित समय-सीमाओं का ठीक से पालन किया हो।

चेक बाउंस केस करने की सही प्रक्रिया

एक बार चेक बाउंस होने के बाद आपको निम्न चरण अनिवार्य रूप से पूरे करने होते हैं:

  1. बाउंस की तारीख: बैंक से चेक बाउंस होने की सूचना (Return Memo) मिलने के बाद।

  2. कानूनी नोटिस (Legal Notice): आपको बैंक की सूचना मिलने के 30 दिनों के भीतर देनदार (जिसने चेक दिया है) को वकील के माध्यम से एक कानूनी नोटिस भेजना होगा।

  3. 15 दिन का समय: नोटिस मिलने के बाद देनदार को भुगतान करने के लिए 15 दिन का समय मिलता है।

  4. शिकायत दर्ज करना: यदि देनदार 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो आपके पास अगले 30 दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट कोर्ट (Magistrate Court) में शिकायत दर्ज करने का अधिकार होता है।

चेक का पैसा जल्दी वापस पाने का तरीका

चेक बाउंस के मामले में जल्दी भुगतान पाने के लिए आप ये कानूनी कदम उठा सकते हैं:

  • 1. अंतरिम मुआवजा (Interim Compensation) मांगें: कानून (NI Act की धारा 143A) के तहत, आप कोर्ट में आवेदन करके शुरुआती चरण में ही देनदार से चेक राशि का 20% तक हिस्सा 'अंतरिम मुआवजा' (Interim Compensation) के रूप में जमा करने की मांग कर सकते हैं। यह पैसा केस चलते समय आपको आर्थिक राहत देता है और देनदार पर दबाव बढ़ाता है।

  • 2. सिविल रिकवरी (Civil Recovery) केस: NI Act के आपराधिक केस के साथ-साथ, आप दीवानी न्यायालय (Civil Court) में भी 'धन वसूली का मुकदमा' (Suit for Recovery of Money) दायर कर सकते हैं। दोनों केस समानांतर (Parallel) चल सकते हैं, जिससे देनदार पर दोहरी कानूनी कार्रवाई का दबाव पड़ता है और वह जल्दी समझौता करने को मजबूर हो जाता है।

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चेक बाउंस का अपराध बनने के लिए चेक सिर्फ एक बार ही बाउंस हो सकता है तीन बार बाउंस कराने का कोई नियम नहीं है . आपका अगर चेक बाउंस होता है तो आपको उसके 30 दिन के अंतर्गत चेक देने वाले को नोटिस भेजना होता है और उसमें उसको 15 दिन का समय दिया जाता है 15 दिन खत्म होने के 30 दिन के अंतर्गत उसके खिलाफ केस डाला जाता है .


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