लव मैरिज करने के बाद सुरक्षा पाने की प्रक्रिया क्या है
सवाल
उत्तर (2)
हाँ, आप और आपकी पत्नी कानूनी रूप से एक साथ रहने के हकदार हैं और यदि आपको जान का खतरा है, तो आप पुलिस और अदालत से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि आपकी शादी कानूनी रूप से पंजीकृत (Registered) है, इसलिए आप दोनों वयस्क होने के नाते अपनी मर्जी से कहीं भी रहने के लिए स्वतंत्र हैं। शादी के बाद कुछ समय तक अलग रहने से आपके विवाह की वैधता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है और न ही यह आपकी सुरक्षा याचिका (Protection Petition) को कमजोर करता है।
जैसे ही आप घर छोड़ें, सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित सूचना देनी चाहिए। इस आवेदन में आपको अपनी शादी का प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) लगाना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि आप दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और आपको अपने परिजनों से सुरक्षा (Protection) चाहिए। इससे पुलिस को स्थिति का पता चल जाएगा और वे आपके माता-पिता के दबाव में आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे मजबूत तरीका यह है कि आप अपने राज्य के उच्च न्यायालय (High Court) में सुरक्षा के लिए एक याचिका (Protection Petition) दायर करें। अदालत अक्सर ऐसे मामलों में पुलिस को निर्देश देती है कि वह विवाहित जोड़े को सुरक्षा प्रदान करे और यह सुनिश्चित करे कि कोई भी उनके शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप न करे। यह याचिका तभी खारिज हो सकती है जब शादी के दस्तावेज फर्जी हों या आपमें से कोई एक कानूनी रूप से विवाह की उम्र (लड़का 21 वर्ष और लड़की 18 वर्ष) का न हो।
पुलिस को सूचना देना इसलिए भी जरूरी है ताकि आपके घरवाले आप पर अपहरण (Abduction) या लापता होने का झूठा मामला दर्ज न करवा सकें। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नियमों के तहत पुलिस का कर्तव्य है कि वह आपकी सुरक्षा करे। यदि पुलिस आपकी बात नहीं सुनती है, तो आपके वकील अदालत के माध्यम से सुरक्षा के आदेश (Protection Order) दिलवा सकते हैं।
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- hamburgerclose logo बात करना नमस्ते