यदि गलत पते में सम्मन दिया जाता है तो क्या होता है
सवाल
उत्तर (2)
अदालत का मुख्य उद्देश्य आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करना होता है ताकि मुकदमा आगे बढ़ सके। अगर सम्मन गलत पते पर भेजा गया है या उस पर "पता गलत है" या "व्यक्ति नहीं मिला" (Not Delivered) लिखकर वापस आ जाता है, तो कानूनन उसे सम्मन की तामील (Service of Summons) नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में कोर्ट आमतौर पर पुलिस को सही पता पता लगाने और दोबारा सम्मन भेजने का आदेश देता है।
सम्मन कितनी बार भेजा जाएगा, इसकी कोई निश्चित संख्या कानून में नहीं है। यदि जज को लगता है कि पता गलत होने की वजह से सम्मन नहीं पहुँचा, तो वे बार-बार सम्मन जारी कर सकते हैं। लेकिन अगर कोर्ट को यह शक हो जाए कि आरोपी जानबूझकर सम्मन लेने से बच रहा है या छिप रहा है, तो कोर्ट सीधे 'जमानती वारंट' (Bailable Warrant) और उसके बाद 'गैर-जमानती वारंट' (Non-Bailable Warrant) जारी कर सकता है।
जहाँ तक पुलिस की भूमिका का सवाल है, सम्मन या वारंट तामील कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन यह उनकी मर्जी (Discretion) नहीं है। पुलिस को कोर्ट को लिखित में रिपोर्ट देनी पड़ती है कि सम्मन क्यों नहीं पहुँच पाया। अगर पुलिस गलत रिपोर्ट देती है कि व्यक्ति घर पर था पर सम्मन नहीं लिया, जबकि पता ही गलत था, तो आप अदालत में पेश होकर इस गलती को सुधारने की मांग कर सकते हैं।
अगर आपको पता चला है कि आपके खिलाफ गलत पते पर वारंट जारी हो गया है, तो सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने वकील के माध्यम से अदालत में एक आवेदन दें। इसमें बताएं कि आपको सम्मन कभी मिला ही नहीं क्योंकि पता गलत था। कोर्ट अक्सर ऐसी स्थिति में वारंट को वापस (Recall) ले लेता है और आपको अपनी बात रखने का मौका देता है।
उद्देश्य, महोदय, वारंट जारी करने या सम्मन जारी करने के लिए अदालत में आरोपी की उपस्थिति को सुरक्षित करना है ताकि अदालत को मुकदमे के मुकदमे और जानबूझकर एक व्यक्ति के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाया जा सके कि वह इस मामले का आरोपी है फरार है आम तौर पर हमेशा सम्मन जारी नहीं किए जाते हैं और यहां तक कि सम्मन भी सकारात्मक रूप से उनके पर परोसे जाते थे अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं बंटवारे वारंट होते हैं या अन्यथा उनकी मौजूदगी को सुरक्षित रखने के लिए जारी किया जा सकता है। व्यावहारिक रूप से यदि आरोपी का पता गलत है तो उन पर सम्मन करना मुश्किल होता है और यदि अदालत संतुष्ट है कि आरोपी अनुपस्थित नहीं है या उसे छुपा नहीं रहा है, तो फिर से सम्मन जारी किए जाएंगे अधिक जानकारी के लिए कृपया मामलों के निर्णयों का अनुपात देखें- रघुवंश दीवानंचंद भसीन और इंदर मोहन गोस्वामी
अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।
अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
अपराधिक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर मुझे फसाया जा रहा है सर मुझे फसाया जा रहा है इस केस में मैं इस केस में इंवॉल्व नहीं हूं पुलिस वालों ने जबरदस्ती मुझ पर यह कैसे लगाया है और इसमें जो कंप्लेनर है वह मेरा पड़ोसी है वह कंप्रोमाइज करना चाहता है
- hamburgerclose logo बात करना नमस्ते
- मेरा छोटा भाई ने एक व्हीलर गाड़ी फाइनेंस कराई थी जिसकी कि 3 किस्त बकाया थी जिस कंपनी से गाड़ी फाइनेंस थी गांव के तीन लड़के वहां काम करते थे उन्होंने अपने जलन पुरी में मेरे छोटे भाई के साथ मारपीट की और धमकी भी अगर गाड़ी का पैसा नहीं दिया तो तेरी गाड़ी उठा ले जाएंगे और उसको मारे भी जब बगीचे में अकेले बुलाकर मेरे भाई को मारा गया तो यह सदमा बर्दाश्त नहीं करपाया घर में आकर सुसाइड कर लिया इस बात का उसने 30 सेकंड का वीडियो बनाकर गया यह बात हम लोगों को एक महीने बाद जब साइबर सेल से मोबाइल आया तब पता चली
- Mera pati khatm ho gya hai.15 sall ho gya garib pariwar se hu meri 2 beti 1choti 14yrs ki hai badi beti 20 sall ki hai 1 beta bada hai sabse 23sall ka hai mera beta 2sall se presan kr ke rakha ghar me tod fod roj ka.bolta hai muje piysa do.bike lena hai daru.pina hai. Pura ghar.ka saman ka tod deta hai mai kya kru.bataye