मेरी फेसबुक पोस्ट जिसपर मैंने लिखा गौ


सवाल

मेरी एक फेसबुक की पोस्ट जिसपर मैंने लिखा था की गौतम बौद्ध अनिश्वरवाद के पुरस्कर्ता थे. उनके मुताबिक संसार में ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है. अतः बौद्ध धर्म के अनुयाइयों को हिन्दू देवी देवता और उनके धार्मिक देवस्थान या मंदिरों के प्रबंधन या कार्यक्रमों में अवांछित हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए. इस पोस्ट पर गाव के एक समुदाय ने मेरे खिलाफ पोलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी. परिणाम स्वरुप मुझपर IPC की धारा २९५, १५३(अ),१५३(ब) दर्ज कराइ गई. मुझे जमानत भी मिल गई. लेकिन संविधान के आर्टिकल १९ का यह सरासर उल्लंघन नहीं है? क्यूंकि इससे किसीकी धार्मिक भावनाए आहत करने का मेरा कोई उद्देश तो था ही नहीं. तथा इससे किसीकी धार्मिक भावनाए आहत क्यों हुई? इसमें आगे क्या हो सकता है?

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नमस्कार,

आपको अपने पास के न्यायालय में जाकर एक अच्छे वकील से संपर्क करना चाहिए और अपना पक्ष कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए तैयारी करनी चाहिए . आपको अपने राइट्स के बारे में और जानना चाहिए कि आप कोर्ट में अपना पक्ष सही तरह से साबित कर पाए . सोशल मीडिया इसीलिए बना है कि हम वहां पर अपने विचार प्रकट कर सकें . अपने विचार प्रकट करना हमारा संवैधानिक हक है .

धन्यवाद


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