प्रार्थी पुत्र पूर्व आरक्षक बी एफ 124 बट


सवाल

प्रार्थी का पुत्र (पूर्व आरक्षक बी. एस. एफ 124 बटालियन) मनोज कुमार शुक्ल जो कि कुपवाड़ा (अनंतनाग) जम्मू एवं कश्मीर में कार्यरत था । बंदी को दिनांक 21.12.1999 को हुई घटना पश्चात दिनांक 14.07.2000 में धारा 302 भा.द.वि. के तहत बीएसएफ कोर्ट द्वारा सजा के रूप में 14 वर्ष की सजा भुगतने का आदेश जारी किया गया था (आदेश संलग्न)। उक्त सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय जबलपुर में दया याचिका क्रमांक WP/2482/2001 मे लगाई गई किंतु 20 वर्ष पश्चात भी निराकरण नहीं हुआ तो जेल प्रशासन ने कहा कि रिहाई की संस्तुति नहीं की जाएगी तब प्रार्थी द्वारा दया याचिका WP/2482/2001 जनवरी 2021 में वापस ले ली गई I उसके पश्चात जेल प्रशासन द्वारा रिहाई की संस्तुति अप्रैल 2021में की गई किंतु बीएसएफ द्वारा रिहाई से मना कर दिया गया था। वर्तमान में सजा 21 वर्ष से ज्यादा हो चुकी है उसके बाद भी BSF रिहाई की अनुमति नहीं दे रहा जबकि जेल द्वारा रिहाई की संस्तुति 2021 में की जा चुकी है

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आपके बेटे की रिहाई संभव है राजा हमें बीए 14 वर्ष की सजा वाला आदेश उपलब्ध कराएं क्योंकि धारा 302 में 14 वर्ष के स्थान पर आजीवन कारावास होगा ऐसा मेरा अनुभव और यदि 14 वर्ष का कारावास ही है आदेश में तुम माननीय सर्वोच्च न्यायालय से आपके पुत्र की रिहाई होगी न्यायालय का कोई हमसे संपर्क करें सजा के आदेश की प्रति लेकर कहता है


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