निवेदन मैंने पूर्व बताया धारा 76 प्रकर


सवाल

निवेदन है कि मैंने पूर्व में बताया कि धारा 376 के प्रकरण में पीड़िता ने FIR एवं 164 के बयान सभी सच हैं वह तो आरोपी के वकीलों ने सरकारी वकील को खरीद कर पीड़िता को ऐसे डरा दिया कि जज साहब के समक्ष कुछ भी कहोगी तो वो जेल भेज देंगे और वकीलों ने उससे केवल हां या ना कहना कर अपने मनमानी लिखा लिया। नकल प्राप्त करने पर जानकारी हुई। आपने 164 के बयान दुबारा कराने हेतु जानकारी दी है जबकि यह जानकारी देने की दया करें कि धोखा दे कर आरोपी ने मुख्य परीक्षण ग़लत करा लिए तो क्या पीड़िता पुनर्परीक्षण कराने का अवसर मिल सकता है यदि हां तो कैसे क्या करना चाहिए। क्यों कि भ्रष्टाचार में सभी बिकाऊ हैं जिससे अपराध बढ़ रहे हैं

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जैसा कि आपने बताया है कि बलात्कार के मुकदमे में पीड़िता के बयान न्यायालय के समक्ष हुए थे जो धारा 164 सीआरपीसी के अंतर्गत होते हैं और इन बयानों की महत्व इतनी अधिक है कि उन बयानों को करने के बाद पीड़िता यह नहीं कह सकती है के न्यायालय में वह बयान मैं मजिस्ट्रेट के सामने किसी धमकी दबाव या उत्पीड़न के कारण दिए थे उक्त बयान बड़े ही स्वच्छंद होते हैं लेकिन यदि 164 के बयान पीड़िता के सही नहीं हुए हैं तो उसके जो बयान इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर ने लिए होंगे धारा 161 के उनमें वह अपने बयानों को ठीक कर सकती है और आगे चलकर विचरण में उसे बयां करने का पूरा मौका मिलेगा जिससे वह अपना कैसे साबित कर सकती है


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