धारा 86 87 क्या क्या अंतर साधारण शब्दों स


सवाल

धारा 386 व 387 में क्या क्या अंतर है साधारण शब्दों में समझाए पुलिस कार्यवाही कैसे करेगी

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भारतीय दंड संहिता की धारा 386 के अनुसार, जो भी कोई किसी व्यक्ति से, स्वयं उसकी या किसी अन्य व्यक्ति की मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा, और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।
भारतीय दंड संहिता की धारा 387 के अनुसार, जो कोई ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को स्वयं उसकी या किसी अन्य व्यक्ति की मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालेगा या भय में डालने का प्रयत्न करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा,


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