पिता की मृत्यु के बाद सम्पति का हक़दार कौन होगा


मेरे पिता चार साल पहले ही गुज़र चुके थे, उनका अपना एक घर था. उसके बाद उस घर में मेरी माँ अकली रहती हैं. मेरा एक बड़ा भाई और एक छोटी बहन है. मेरी माँ के पास खाने-पीने और किसी भी उपचार के लिए कोई आय नहीं है. मेरे भाई सारी सम्पति अपने नाम करना चाहते हैं और इसी समय माँ का ध्यान भी नही रखना चाहते. माँ इस सम्पति के चार हिस्से करना चाहती हैं और ह्मेशा के लिए इसी घर में रहना चाहती हैं. इसके लिए क्या किया जाए और ये बंटवारे कौन करेगा. 

उत्तर (1)

अगर आपके पिता बिना किसी वसीयतनामा के गुज़र चुके हैं तो सम्पति सभी क़ानूनी उतराधिकारियों को बीच सौंप दी जाएगी इसलिए आप , आपकी माताजी इस सम्पति और घर के  क़ानूनी उतराधिकार होंगे. हम आपको सुझाव देते हैं कि आपप एक वकील के द्वारा घर के समझौते ,बंटवारे के लिए एक एग्रीमेंट(अनुबंध) तैयार करें, और बंटवारे के हिस्से का प्रतिशत बता कर उसे सब-रजिस्ट्रार से पंजीकृत करवाएं. किसी भी झगडे के मामले में आपको एक बंटवारा केस दर्ज करना होगा और इसमें अधिक समय लगेगा लेकिन दोनों प्रक्रिया आपकी मां के जीवित रहने के दौरान की जा सकती है। अगर आपके पिता वसीयत को छोड़ कर गये थे तो आपकी माताजी अब उस वसीयत की मालिक हैं और जीवित रहते इस सम्पति का बंटवारा कर सकती हैं. यह प्रकिया उनकी मृत्यु के बाद ही संभव है . 

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