सवाल


मैं गुजरात से हूं और मैंने एक पार्टी को ज़मानत राशि के लिए चेक दिया था। अब पार्टी ने सोनीपत में धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया हैं। मुझे पहली उपस्थिति के लिए समन्स प्राप्त हुए है। मैं हरियाणा में जमानत की प्रक्रिया जानना चाहता हूं। मैं एक कैंसर रोगी भी हूँ। मेरे पास पार्टी को देने के लिए पैसे नहीं है। कृपया मुझे सलाह दें क्योंकि मुझे परेशान करने के लिए पार्टी ने मेरा चेक जमा किया है जो मैने वर्ष 2013 में बड़ौदा में उनके प्रतिनिधि को एक ज़मानत राशि के चैक के तौर पर दिया था।

उत्तर


आपको धारा 138 के तहत मामले में जमानत लेने की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि यह मुख्य रूप से एक सिविल कार्यवाही है और न कि आपराधिक। यद्यपि आप कारावास के लिए उत्तरदायी हो सकते है अगर मामले का निर्णय आप के खिलाफ लिया गया। हालांकि फिर भी अपराध समझौता करने योग्य है। मैं आपको सलाह देता हूं कि आप केस की सुनवाई के लिए जाएं और केस लड़े। इसके अलावा तथ्यों से यह लगता है कि चेक ज़मानत राशि के लिए था, और अगर ऐसा है, और आप इसे साबित कर पाते हैं, तो आपको बरी होने की अच्छी संभावना है। इसके अलावा, आप अपनी चिकित्सा परिस्थिति के आधार पर स्थायी छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं

यदि आपको किसी ने चेक बाउंस के झूठे मामले में फसाया है, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, ऐसे मामलों में भारत की न्यायालय आपकी पूर्ण मदद करेगी। चेक के बाउंस होने के बाद आप को चेक बाउंस होने के 30 दिनों के अंदर दोषी पार्टी को एक लीगल नोटिस देना जरूरी होता है, आप ssस्वयं या अपने वकील के माध्यम से दोषी पार्टी को लीगल नोटिस भेज सकते हैं, ये लीगल नोटिस स्पीड पोस्ट या कोरियर सर्विस के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। नोटिस में आप को यह लिखना होता है, कि यह चेक आपने कब और किस कारण लिया था। तथा उस पर लिखे रुपये को देने की जिम्मेदारी दोषी पार्टी की ही है। इसके अलावा अंत में आप दोषी पार्टी से चेक में लिखे हुए अमाउंट को नोटिस देने के बाद 15 दिन के अंदर वापस प्राप्त कर सकते हैं। और केवल चेक में लिखी हुई राशि ही नहीं बल्कि लीगल नोटिस भेजने का उचित खर्चा भी प्राप्त कर सकते है।
चेक बाउंस के मामले में लीगल नोटिस भेजने के बाद जिस दिन वह नोटिस दोषी पार्टी को मिलता है, या फिर किसी कारण वश बिना मिले आप के पास वापस लौट आता है, तो उस दिन से अगले 15 दिन के बीच में दोषी पार्टी कभी भी आपके रुपये वापस कर सकती है। यदि दोषी पार्टी 15 दिन के अंदर आप के रुपये वापस नहीं करती है, तो “लेनदार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के सेक्शन 138, के अंतर्गत अपराधिक शिकायत दर्ज करा सकता है, इसके अनुसार अगले 30 दिनों के अंदर आप दोषी पार्टी के ऊपर न्यायालय में चेक बाउंस करने और समय पर रुपये वापस न लौटने का केस भी कर सकते हो। इसका मतलब आपके पास कुल 45 दिन होते हैं, जिनमें से आखरी के 30 दिन में आप न्यायालय में केस फाइल कर सकते हैं।

चेक बाउंस के झूठे मामले से बचने के उपाय
आजकल देश में किसी व्यक्ति को फ़साने या कोई नुक्सान पहुंचाने के कानून का सहारा लेना बहुत ही आम बात बन चुका है, जिसमें एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से बदला लेने के लिए उसे किसी झूठे मामले में फसा देता है, जिससे उसका बदला भी पूरा हो जाता है, और उसे कुछ करना भी नहीं पड़ता है। किन्तु भारत की न्याय व्यवस्था किसी निर्दोष व्यक्ति का कभी अहित नहीं कर सकती है, क्योंकि भारत की न्याय व्यवस्था का एकमात्र उद्देश्य होता है, कि भले ही एक बार कोई दोषी व्यक्ति सजा पाने से बच जाये पर किसी निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। इसीलिए चेक बाउंस के मामले में भी न्यायालय एक निर्दोष व्यक्ति की पूरी मदद करती है। यदि आपने किसी व्यक्ति से लिया गया कोई ऋण का भुगतान कर दिया है, और आपके पास उस भुगतान की रसीद उपलब्ध है, तो आप वह रसीद न्यायालय में पेश करके अपने आप को बेगुनाह साबित कर सकते हैं, और ऐसे मामले में आपको किसी अनुभवी वकील से भी सलाह लेनी चाहिए क्योंकि एक वकील ही ऐसा व्यक्ति हो सकता है जो आपको किसी झूठे मामले से बचाने में आपकी मदद कर सकता है, और आपको इंसाफ दिला सकता है।

आवश्यक डाक्यूमेंट्स जो केस के साथ फ़ाइल करने होते हैं
न्यायालय में केस फ़ाइल करते समय आप इन डाक्यूमेंट्स को केस में अवश्य ही लगाएं
  1. वह रसीद जिसमें आपने अपने ऋण का भुगतान किया था।
  2. चेक को बैंक में डालने के समय भरी जाने वाली स्लिप
  3. चेक की बाउंस होने वाली स्लिप (बैंक की स्टाम्प व सिग्नेचर के साथ)
  4. लीगल नोटिस तथा उसकी पोस्टल स्लिप सबूत के लिए कि आपका नोटिस दोषी पार्टी को मिला था, यदि नोटिस नहीं मिला तो उस के कारण क्या थे
  5. अगर दोषी पार्टी द्वारा आपके लीगल नोटिस का कोई जवाब आपको मिला है, तो उसका रिप्लाई
  6. इसके अलावा कोई एग्रीमेंट जो आप दोनों के बीच हुआ है, या इस लेनदेन से सम्बन्धित कोई अन्य दस्तावेज इत्यादि।
चेक बाउंस होने पर निम्न प्रकार से केस किया सकता है
दीवानी मुकदमा (सिविल केस)
“सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908” के सेक्शन 37, की सहायता से चेक बाउंस होने के बाद आप दोषी पार्टी पर सिविल केस फाइल कर सकते हैं, सिविल केस में यह आराम होता है, कि ये केस सिर्फ 4 तारीखों में ही खत्म हो जाता है, और न्यायालय आपको इन ही 4 तारीखों में आपका पैसा ब्याज समेत आपको दिलवाता है। लेकिन इसमें आपको अपने चेक के अमाउंट के हिसाब से न्यायालय की कोर्ट फीस देनी होती है, जो कि सामान्य से थोड़ी ज्यादा होती है। वैसे ये फीस आपको केस जीतने पर वापस मिल जाती है, लेकिन अधिकांश लोग इस फीस कि वजह से ही सिविल केस की कम फाइल करते हैं।

फौजदारी मुकदमा (क्रिमिनल केस)
क्रिमिनल केस को पुलिस में एफ. आई. आर. द्वारा भी किया जा सकता है। इसके लिए आप चाहें तो दोषी के खिलाफ “भारतीय दंड संहिता, 1872” के सेक्शन 420, की सहायता से पुलिस में एफ. आई. आर. कर सकते हैं, लेकिन पुलिस ऐसे मामलो में जल्दी एफ. आई. आर. नहीं करती है, इसकी जगह वह चेक बाउंसिंग केस डालने को कहती है, लेकिन आप दोषी पार्टी पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ एफ. आई. आर. करवा सकते हैं।

चेक बाउंस के मामलों में एक वकील की जरुरत क्यों होती है?
हमारे देश में यदि किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो जाता है, तो उसके लिए न्यायालय द्वारा कड़ी सजा का प्रावधान दिया गया है, ऐसे व्यक्ति को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के सेक्शन 138 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया चेक बाउंस हो जाता है, तो उस व्यक्ति को कारावास के दंड से दण्डित किया जा सकता है, जिसकी समय सीमा को दो बर्षों तक बढ़ाया जा सकता है, और कारावास के दंड के साथ साथ आर्थिक दंड से भी दण्डित किया जा सकता है। इसीलिए चेक बाउंस के मामलों से निपटने के लिए एक  चेक बाउंस वकील ही ऐसा व्यक्ति होता है, जो आपको न्यायालय के दंड से बचा सकता है, और आपके मामले को समाप्त भी कर सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है, कि जिस वकील को हम अपने चेक बाउंस के मामले से बचने के लिए नियुक्त कर रहे हैं, वह अपने क्षेत्र में अनुभवी वकील होना चाहिए, जिससे आपके केस को जीतने के अवसर और भी बढ़ सकते हैं। 
 

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अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में चैक बाउन्स वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


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